भोजन में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व, Different types of nutrients found in food, Vitamin deficiency disease.


हम सभी भोजन करते हैं। भोजन से हमें शक्ति मिलती है, जिसकी सहायता से हम विभिन्न काम करते हैं। यदि हम सुबह से शाम तक भोजन ना करें तो हमें बहुत तेज भूख लगती है तथा कमजोरी भी अनुभव होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भोजन न मिलने से शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है। जब हम खाना खा लेते हैं तो फिर से पहले की तरह सामान्य अनुभव करते हैं। जो भोजन हम करते हैं, उन में विभिन्न प्रकार के पोषक - तत्व होते हैं। यह सभी शरीर में अलग-अलग कार्य करते हैं। आइए भोजन के इन पोषक तत्वों के बारे में अध्ययन करें। 



1. कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट हमें सेब, केला, चावल, चीनी, गुड़, मक्का, आलू, पपीता, किसमिस, खजूर आदि से प्राप्त होता है। कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसकी कमी होने पर शरीर कमजोर भी हो सकता है।


2. वसा

वसा हमें नारियल, सरसो, मूँगफली, घी, सूरजमुखी, काजू, बादाम, चिलगोजा, मक्खन, तिल आदि से प्राप्त होती हैं। यह शरीर को उर्जा प्रदान करती है। शरीर में वसा की अधिकता होने पर शरीर भारी हो जाता है अर्थात मोटापा आ जाता है।इससे शरीर की कार्यक्षमता कम हो जाती हैं।


3. प्रोटीन

प्रोटीन हमें गेहूं, दाल, सेम, सोयाबीन, मछली, मांस, अंडा, दूध, पनीर आदि से प्राप्त होता है। प्रोटीन हमारे शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक है। यह हमारे शरीर के क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत के लिए आवश्यक है। 

4. खनिज

खनिज शरीर में होने वाली विभिन्न क्रियाओं के सुचारू ढंग से होने के लिए आवश्यक है। हमारे शरीर में विभिन्न खनिजों की निम्नलिखित उपयोगिता है : 

(क) कैल्शियम तथा फास्फोरस

यह हड्डियों दांत तथा मांसपेशियों के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

(ख) लोहा

लोहार रक्त बनने के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से रक्ताल्पता (एनीमिया) नामक रोग हो सकता है

(ग) आयोडीन 

यह थायराइड ग्रंथि के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक है। इसकी कमी के कारण थायराइड ग्रंथि फूलकर बड़ी हो जाती है, जिससे गला फूलकर बाहर निकल आता है, इसे घेंघा रोग कहते हैं। इसी प्रकार पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम, जिंक, ताँबा आदि खनिज भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। 
खनिज हमें हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों,दूध आदि से प्राप्त होते हैं।

5. विटामिन

विटामिन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक हैं। यह हमारी विभिन्न रोगों से रक्षा करने में सक्षम हैं। शरीर में इनकी बहुत कम मात्रा की आवश्यकता होती है। विटामिन कई प्रकार के होते हैं : 

विटामिन - A 

यह हरी पत्तेदार सब्जियों, दूध, गाजर, अंडा, पीले फलों आदि से प्राप्त होता है। इसकी कमी से रतौंधी रोग हो जाता है, जिसमें व्यक्ति शाम के समय कुछ भी नहीं देख पाता है।

विटामिन - B

या कई विटामिनों का समूह है जिसके अंतर्गत विटामिन B1, B2, B5, B6, B12 आदि आते हैं, इन्हें सम्मिलित रूप से विटामिन B - कांपलेक्स कहते हैं। यह विटामिन दूध, फल, अंडा, यकृत, मांस, सेम, मूंगफली आदि से प्राप्त होते हैं। विटामिन B1 की कमी से बेरी - बेरी नामक रोग हो जाता है।

विटामिन  - C

यह खट्टे फलों जैसे - संतरा ,मौसमी, नींबू,  टमाटर, आंवला तथा हरी सब्जियों में पाया जाता है। यह त्वचा तथा मसूड़ो के स्वस्थ के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से त्वचा रूखी हो जाती है तथा स्कर्वी रोग हो जाता है, रोग होनें पर मसूड़ों से रक्त निकलने लगता है। 

विटामिन - D

यह दूध दही लीवर अंडों आदि में पाया जाता है। इसका निर्माण शरीर में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होता है। यह हड्डियों और दातों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है और दांत क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।

विटामिन - E

यह विटामिन अंकुरित बीजों, हरी सब्जियों, चावल तथा मांस में पाया जाता है और यह विटामिन प्रजनन में सहायक है। इसकी कमी से त्वचा रोग हो जाते हैं तथा प्रजनन शक्ति कम हो जाती है।

विटामिन - K

यह गेहूं मक्खन हरी सब्जियों फलों तथा अंडे में पाया जाता है। यह रक्त का थक्का बनने में आवश्यक होती है। इसकी कमी के कारण चोट लगने पर रक्त देर तक बहता रहता है, जिस से घायल व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

6. पानी

हम प्रतिदिन पानी पीते हैं। हमारे भोजन में भी पानी बहुत मात्रा में पाया जाता है। यह एक अच्छा विलायक है तथा शरीर की अनेक क्रियाओं में भाग लेता है। अतः स्वस्थ रहने के लिए पानी बहुत आवश्यक है, इसलिए हमें अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।


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